Get the latest Anmol Vachan in Hindi- Shayarinasha

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जहां मान सम्मान ना हो,

वह जगह तुरंत छोड़ देनी चाहिए।

Anmol Vachan in Hindi

 

मित्र अगर संकट में हो,

उसकी मदद अवश्य करनी चाहिए,

चाहे मित्र कितना भी विरोधी क्यों ना हो।

 

Best Anmol Vachan in Hindi


अगर किसी व्यक्ति की संतान आज्ञाकारी है,

और गलत कार्य नहीं करती है, माता-पिता का

सम्मान करती है, उनका कहना मानती है तो ऐसे,

माता-पिता का जीवन स्वर्ग की तरह ही होता है,

वही यदि संतान माता-पिता का अनादर करती है,

तो माता पिता का जीवन दुःख से भर जाता है।

 

बहुत अधिक इच्छाएं करना सही नहीं है और

इच्छाओं का त्याग कर देना भी सही नहीं अपने

उपर्जित ( कमाए हुए) धन के अनुरूप ही इच्छा

करना चाहिए वह भी एक बार ही नहीं बल्कि धीरे-धीरे

 

मनुष्य जीवन में पहला सुख स्वस्थ शरीर,  दूसरा

सुख पवित्र  धन, तीसरा पवित्र ग्रंथ पढ़ना

चौथा ईश्वर सुख का स्मरण, ध्यान और चिंतन करना

 

पिता, माता, अग्नि, आत्मा और  गुरु- मनुष्य को

इन पांच अग्नियों की बड़े यत्न से सेवा करनी चाहिए।

 

हाथ से  पटकी हुई गेंद भूमि पर गिरने के बाद

ऊपर की ओर उठती है, सज्जनों का बुरा समय

अधिकतर थोड़े समय के लिए होता है।


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